औपचारिकता..

दिन शुभ हो जाता है
जब ‘सुप्रभात’ सुने जाते हैं।
गजब व्यवहार बनाये जाते हैं
अब ‘सुप्रभात’ पढ़े जाते हैं।

मेल मिलाप कहाँ होता हैं
औपचारिकता निभाये जाते हैं।
ये तो ऑनलाइन का जमाना है
व्यवहार शेड्यूल किये जाते हैं।

© विनय कुमार पाण्डेय

●Follow me on Instagram @kavi_nay_

2 thoughts on “औपचारिकता..”

Leave a Reply