Faults

सबसे दरखास्त,
सबसे इस देश से,
इन अवाम से,
इन बच्चो से,
उनके परिवारों से,
दोस्तो से,
दुश्मनों से,
ना करे कोई बात ,
गलत समय,
गलत दिन, गलत रात
गलत बात , गलत साथ।
ना जाने किस मोड़ ले जाएंगी, बिन छोर ।
किए कमजोर इन रिश्ते – एहसासों को।
उन रिश्तों को जिन्हें बनाने में साल लगे,
उन एहसासों को जिन्हें बनने में साल लगे,
एक ग़लती से सब उजड़ जाते है, जनाब!
काम बनते बनते बिखर जाते है, हज़ार।
कोई कैसे परखे उन गलतियों को,
जब कोई गलतियां ही ना करे बारंबार !

@Dakshali Gupta

Copyright Reserved !



I have write this poem few months ago, and now I have time to post it.
I don’t know how much affective this poem is, but personally I don’t like this one !
Glad to know your views.🙂

Author: dakshali27

A women who's still searching her wisdom via art.

0 thoughts on “Faults”

  1. O Hello.
    I think ignited thoughts often comes in busy schedule . This one seems same.
    It is quite true and laconic that how a single mistakes destroys massively , in this information technology era very fast too. But your last single line is also carries a broad mean. Very acute piece.

    1. Thank you so so much, Kishan for benevolent words.

      I’m really feel ecstatic right now🙂
      I just write this piece few months ago, unknowingly what I’m writing.
      I didn’t know that this piece has such a deep meaning.
      I get it through all of you.
      Thanks a lot .😊

      Read my other stuffs also, and let me know how you felt.🙂

      1. Welcome Dakshali…
        I found a lot truth and generous appeal amalgamated in your phrases .
        Surely I shall have eyes on your other stuffs. Keep your friendship with prose.💐

          1. Thank you for have an eye at my page🌼. Your warm words of appreciation are really uplifting me . I will try my all best to keep your words. Thank you.

  2. ऐसी उम्मीद किसी ने नहीं की थी। बहुत सारी गलतियाँ, वे मंहगी अदा करते हैं। अब सब कुछ पलक झपकते ही बदल गया। और सबसे खराब, कोई नहीं जानता कि यह कैसे समाप्त होगा। ऐसी स्थिति जो आपके प्रत्येक छंद की तरह प्रतिबिंब का आह्वान करती है। मुझे आपकी कविता बहुत अच्छी लगी।
    चिली (दक्षिण अमेरिका) से बधाई। आपके लिए अच्छा सप्ताहांत रहेगा
    मैनुएल

    1. धन्यवाद, मैनुएल।
      आपने इतने अच्छे से मेरी रचना को बयां किया,
      आप चिली में रहने के बावजद अपनी मातृ भाषा को भूले नहीं।
      ये बहुत बड़ी बात है, अपने मातृ भाषा से जुड़े रहना।
      आपका भी दिन शुभ हो !😊🌸

      1. मैं केवल स्पैनिश बोलता हूं, लेकिन मैं अनुवादक के साथ अच्छी तरह से संवाद करता हूं। इसलिए मैं पढ़ सकता हूं कि आप समस्याओं के बिना क्या व्यक्त करते हैं। कृपया, अपना ख्याल रखियेगा।
        मैनुएल

        1. ओह , अच्छा.
          आपने बहुत बड़ी बात बोल दी,”समस्याओं के बिना क्या वयक्त करते है” यह अपने आप में इतना गहरा अर्थ है।
          मुझे यह लाइन हमेशा याद रहेगी।
          आपके दयालु शब्दों के लिए धन्यवाद।
          आप भी अपनी सेहत का ख्याल रखें ।

  3. बहुत ही खूबसूरत रचना।👌👌

    गलतियां करते गए,हर गलतियों से सबक सीखते गए।उम्र गुजर गई सीखते सीखते,
    न जाने कितने मिले बिछड़े।जब समझ गलतियों का आया तो उम्र ही निकल गए।

    1. सधन्यवाद आपका ।

      परंतु आपने बहुत ही सुंदर शब्दों में मेरे विचारों को व्यक्त कर दिया।

  4. बहुत खूब ।कुछ पंक्तियीं में ही बहुत कुछ कह दिया। उत्कृष्ट रचना।

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