क्या हुआ ! ! !

क्या हुआ,
कभी मिलें ना हो तुमसे।
क्या हुआ,
अगर कभी ना मिलेंगे ।
क्या होगा,
अगर कभी मिल भी गए तो।।

क्या हुआ,
कभी बात ना की हो तुमसे ।
क्या हुआ,
अगर कभी बात ना करेंगे ।
क्या होगा,
अगर कभी बात भी कर ली तो।।

क्या हुआ,
कभी चेहरे की वो मुस्कुराहट न दिखे।
क्या होगा,
अगर कभी वो मुस्कुराहट दिख भी जाए तो।।

कुछ नहीं,
कुछ भी नहीं ।

दिल की एक चाह हो तुम,
ज़िन्दगी की प्रेरणा हो तुम।

दिल का मोहरा हो तुम,
इस सफर कि राह में, हमराही हो तुम।

कुछ तुम सिखाओं, कुछ हम सिखाएं,
इतना सा नाम हो तुम।।

@dakshali27

Thought

It's better to walk alone rather expecting .